पांच पीढ़ियों के बाद पैदा हुई बेटी का जोरदार स्वागत

महाराष्ट्र के बीड में एक परिवार में पांच पीढ़ियों के बाद पैदा हुई बेटी का जोरदार स्वागत किया गया। नवजात बेटी और उसकी मां को रथ में बैठाकर जुलूस निकाला गया और ढोल बजाकर जश्न मनाया। नवजात बच्ची और उसकी मां का ढोल-ताशों की गूंज के बीच सजे हुए रथ में जुलूस निकालकर उत्साह के साथ स्वागत किया गया।
पिछली पांच पीढ़ियों से दहिफळे परिवार में बेटी का जन्म नहीं हुआ था। ऐसे में पांचवीं पीढ़ी में बेटी के जन्म से परिवार की खुशियां दोगुनी हो गईं। इसी खुशी के अवसर पर परिवार के सदस्यों ने मां और नन्ही बच्ची को सजे हुए रथ में बैठाकर जुलूस निकाला। ढोल-ताशों की गूंज, खुशी का जश्न और उत्साहपूर्ण माहौल में निकाले गए इस जुलूस ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बेटी के जन्म का इतने उत्साह के साथ स्वागत कर दहिफळे परिवार ने समाज के सामने एक सकारात्मक संदेश दिया कि ‘बेटी का जन्म खुशी और गर्व की बात है।’
बच्ची के दादा लिंबाजी दहिफले नवजात बच्ची के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि परिवार में बेटी का होना बहुत सौभाग्य की बात है। इतने सालों से हमें बेटी न होने का अफ़सोस था और आज वह इच्छा पूरी हो गई है। लिंबाजी ने कहा कि उन्होंने अपनी दोनों बहुओं को अपनी बेटियों की तरह ही माना है और अपनी पोती को संगीत और नाच-गाने के साथ रथ में बिठाकर घर लाने पर उन्हें बहुत खुशी हुई।



