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मध्य प्रदेश- किसानों की गेहूं खरीदी एवं स्लॉट बुकिंग में अव्यवस्था

विदिशा। पूर्व विधायक श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव ने प्रदेश में चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था एवं स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए आंशिक सुधार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि स्लॉट बुकिंग की तिथि 24 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 करना मात्र औपचारिक कदम है, जबकि मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए अभी तक स्लॉट बुकिंग प्रारंभ ही नहीं की गई है। इससे किसान असमंजस में हैं कि उनकी उपज की खरीदी होगी या नहीं।

श्री भार्गव ने कहा कि वर्तमान में प्रत्येक वेयरहाउस की खरीदी क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल प्रतिदिन की गई है, जो अपर्याप्त है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक खरीदी केंद्र पर गोदाम की वास्तविक भंडारण क्षमता के अनुसार खरीदी तय की जाए तथा इसे बढ़ाकर न्यूनतम 2000 क्विंटल प्रतिदिन किया जाए।

उन्होंने विदिशा जिले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां गेहूं का रकबा अधिक है, इसलिए प्रत्येक गोदाम पर तत्काल खरीदी केंद्र स्थापित किए जाएं। साथ ही चना एवं मसूर की खरीदी के लिए भी केंद्रों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है।

पूर्व विधायक ने खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गेहूं का रकबा अधिक होने के बावजूद बारदाने की खरीदी कम की गई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

श्री भार्गव ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि किसानों का “एक-एक दाना” खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था को देखते हुए 50-60 प्रतिशत खरीदी भी संभव नहीं लगती।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार निजी सायलो के लिए पूर्ण भुगतान करने को बाध्य है, तो किसानों द्वारा किए गए पंजीयन के बाद उनकी उपज खरीदी के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध होना चाहिए।

अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि 30 अप्रैल 2026 के बाद भी स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया जारी रखी जाए, जब तक सभी किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो जाते। साथ ही किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

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