सांसद गणेश सिंह ने चित्रकूट धाम की प्रगति जानकारी मांगी

भाजपा के वरिष्ठ सांसद गणेश सिंह ने आज संसद में नियम 377 के तहत कहा कि कि लोकसभा क्षेत्र सतना और उससे लगा हुआ चित्रकूट धाम केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और सनातन परंपरा का केंद्र है। यही वह पुण्यभूमि है जहाँ भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के साढ़े ग्यारह वर्ष बिताए थे। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा वर्णित चित्रकूट, आज भी रामकथा की जीवंत साक्षी है।
गणेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के यशस्वी नेतृत्व में देश-भर में रामायण सर्किट की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। अयोध्या का भव्य विकास, स्वरूपण और वैश्विक पहचान इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। सांसद ने ज।नन। चाहा कि सतना से चित्रकूट होते हुए रामायण सर्किट को जोड़ने के “रामपथ गमन” प्रस्ताव पर अब तक संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? क्या मंत्रायल द्वारा चित्रकूट होते हुए 84-कोसी परिक्रमा पथ पर स्थित समस्त तीर्थ स्थलों को रामायण सर्किट से जोड़ने की योजना है? क्या भविष्य में चित्रकूट में एक समर्पित “रामायण संस्थान” की स्थापना पर विचार किया जा रहा है, जिससे शोध, संस्कृति संरक्षण और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके?
गणेश सिंह ने कहा कि यह न केवल श्रद्धा और आस्था से जुड़ा विषय है, बल्कि इससे स्थानीय रोजगार, पर्यटन, संस्कृति संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी नया आयाम मिलेगा।(updated on 4th Feb 26)
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