पेपर लीक के खिलाफ ED जांच करेगी

परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। पेपर लीक के मामलों में अब ED अपराध से अर्जित आय, मनी ट्रेल और आर्थिक लेन देन की जांच करेगी। पेपर लीक किसी भी स्टेट में पेपर लीक हुआ है, वहां ED मनी ट्रेल की जांच करेगी। सरकार का साफ आदेश है कि इस मामले में मेरा प्रदेश-तेरा प्रदेश नहीं चलेगा। इसलिए ED ने जहां-जहां भी पेपर लीक हुए हैं, सब मामलों में ECIR दर्ज की है। ED ने रांची में दर्ज की गई CID की FIR पर एक हफ्ते पहले ही ECIR दर्ज की थी।
हाल ही में संसद ने पेपर लीक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर एक अहम बिल- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 को पास किया था। इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है और ये कानून बन गया है। इस कानून के अनुसार, पेपर लीक लीक के मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करना अनिवार्य है। पेपर लीक के मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं, संगठित अपराध से जुड़े मामलों में कम से कम सात साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। (updated on 10th August 2026)



