‘विकसित भारत’ VS. राजकोषीय संतुलन की चुनौती?

सीए मनोजजैन–
मध्य प्रदेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट मात्र एक वित्तीय विवरण नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के बादलों के बीच, भारत ने इस बजट के माध्यम से अपनी आंतरिक शक्ति और तकनीकी कौशल पर भरोसा जताया है। ₹12.2 लाख करोड़ का ऐतिहासिक पूंजीगत व्यय (Capex) और राजकोषीय घाटे को 4.3% तक सीमित करने का लक्ष्य यह दर्शाता है कि सरकार आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच एक महीन संतुलन साधने की कोशिश कर रही है।
बजट 2026 के मुख्य आकर्षण
पूंजीगत व्यय (Capex) में वृद्धि: सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ आवंटित किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। यह निवेश मुख्य रूप से गति शक्ति परियोजनाओं और लॉजिस्टिक्स दक्षता सुधार पर केंद्रित है।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए चिप निर्माण और डिजाइन के लिए एक व्यापक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई है।
भारत विस्तार (Bharat Vistar) AI प्लेटफॉर्म: कृषि क्षेत्र में डेटा और एआई के एकीकरण के लिए इस पोर्टल की शुरुआत की गई है, जो एग्रीस्टैक (AgriStack) के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुँचाएगा।(updated on 1st feb 2026)



