मध्य प्रदेश के सतना और चित्रकूट क्षेत्र में भीषण बाढ़ से हजारों परिवारों की जिंदगी भर की कमाई तबाह

सतना/चित्रकूट। मध्य प्रदेश के सतना और चित्रकूट क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों को भारी नुकसान पहुँचाया है। कई परिवारों के घर, घरेलू सामान, राशन, फसल और पशुधन बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रहे सांसद गणेश सिंह ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन से तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
सांसद गणेश सिंह ने बताया कि बाढ़ के दौरान कई लोग छतों और पेड़ों पर फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि अनेक गांवों में लोगों के घरों में पानी भर जाने के कारण खाने-पीने का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। कई परिवारों के बिस्तर और घरेलू सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और उनके पास पहनने के कपड़ों के अलावा बहुत कम सामान बचा है।
उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, राशन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने को कहा है। जिन परिवारों के पास फिलहाल रहने की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने तथा जरूरत के अनुसार पन्नी एवं अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। जिन परिवारों का राशन पानी में भीगकर खराब हो गया है, उन्हें नया राशन और रसोई गैस उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
हर परिवार के नुकसान का हो सर्वे
चित्रकूट में एसीएस की उपस्थिति में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए सांसद ने मांग की कि प्रत्येक तहसील में विशेष टीमें गठित कर घर-घर जाकर नुकसान का सर्वे कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सर्वे में केवल मकानों के नुकसान को ही नहीं, बल्कि घरेलू सामान, दुकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्ति को हुए नुकसान को भी शामिल किया जाए तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार का रिकॉर्ड तैयार किया जाए।
गणेश सिंह ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
प्रशासन युद्ध स्तर पर राहत कार्य में जुटा
सांसद ने कहा कि जिला प्रशासन ने भी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ राहत कार्य शुरू किया है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और दवाइयां पहुँचाई जा रही हैं। जिन परिवारों के घरों में रहने की स्थिति नहीं है, उनके लिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय अत्यंत संवेदनशील है और सभी जनप्रतिनिधि प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक सहायता पहुँचाने का प्रयास करेंगे।
कई गांवों में भारी नुकसान
बाढ़ से सेमरावल नदी तथा मंदाकिनी-गंगा नदी के किनारे स्थित कई गांव प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा सतना नगर में नारायण तालाब के नीचे और अन्य क्षेत्रों में भी पानी भरने से गरीब बस्तियों को नुकसान हुआ है। प्रभावित बताए गए गांवों में खड़ौरी, खड़ौरा, पबईया, पैकोरी, बम्हरौला, भैंसवार, बाधी, नारायणपुर, जैतवारा, झरी, मेहुती, कोठी, सोहास, डगडीहा, रगोली, टिकरी, कोटर, खमरिया, अकोना, मैनपुरा, रेहुटा, बर्दाडीह, कोरीगवां, खोहर, गढ़वा, राजरवार, कीचवरिया और अवेर सहित अन्य गांव शामिल हैं।
गणेश सिंह ने बताया कि राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि बाढ़ में अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, हालांकि पशुधन और अन्य संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है।
हजारों मुर्गियों की मौत से लाखों का नुकसान
उन्होंने अपने ग्राम का उदाहरण देते हुए बताया कि ओंकार सिंह ने पोल्ट्री फार्म स्थापित किया था, जिसमें लगभग 5 से 6 हजार मुर्गियां थीं। बाढ़ के पानी में सभी मुर्गियां बह गईं, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन को इन मामलों को गंभीरता से संज्ञान में लेकर नुकसान का आकलन करना चाहिए और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए उनकी रिपोर्ट सरकार तक पहुँचानी चाहिए।
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और राहत एवं पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।(updated on 30th August 2026)



