बजट ऐतिहासिक तथा आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देने वाला है

आज संसद में 53.5 लाख करोड़ का बजट जिसमें आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत को अपना लक्ष्य मानते हुए, सबसे ज्यादा घरेलू विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने हेतु जिसमें देश की हर जरूरत को पूरा किया जाएगा, साथ ही नए रोजगार सृजित किए जा सकेंगे, ऊर्जा सुरक्षा के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट से रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, परिवारों को क्रय शक्ति में बढ़ावा तथा अधोसंरचना के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। देश की विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक रहने का दावा किया गया है। बजट में 12.2 लाख करोड रुपए अधोसंरचना के निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है। 10 हजार करोड़ रुपए मैन्युफैक्चरिंग के निर्माण में, 10 हजार करोड रुपए एमएसएमई को चैम्पियन बनाने की दिशा में, 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, हरित विकास और उर्जा सुरक्षा के लिए 20 हजार करोड़ का निवेश किया गया है, इन सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे। सिटी इकोनामिक रीजन बनाने का प्रावधान भी किया गया है। 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना होगी।
-गणेश सिंह ,सांसद ,सतना, मध्य प्रदेश ने कहा ‘” बजट में भारत का उज्जवल भविष्य दिखाई दे रहा है, जो वर्ष 2047 में विकसित भारत के उड़ान का आधार बनेगा। इस बजट में राजकोषी घाटा कम करने तथा महंगाई को कम करने एवं विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने के लिए मजबूत आधार रखा गया है। नागरिकों की सार्मथ्य बढ़ेगी। दुनिया का सबसे बड़ा डाटा सेंटर बन रहा है। पर्यटन को बढ़ावा, युवाओं को नए रोजगार, समाज के भुवंतु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों, गरीब, युवा, महिलाओं के लिए अनेकों नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। दिव्यांगों के लिए दिव्यांग कौशल योजना एवं दिव्यांग सहारा योजना का भी प्रावधान किया गया है। 17 तरह की कैंसर की दवाइयों को कर मुक्त करने का प्रावधान और सात अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज सस्ता हुआ है। पीएम गति शक्ति योजना के तहत अधोसंरचना के निर्माण में इस बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। विकसित भारत वीबी जी राम जी जो नई योजना आने वाली है उसको भी पर्याप्त धनराशि 95692 करोड़ देने का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए 273108 करोड रुपए, यूरिया खाद के लिए 116508 करोड़, उर्वरक सब्सिडी हेतु 54000 करोड रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क को 19000 करोड रुपए, मनरेगा के शेष कार्यों के लिए 30000 करोड रुपए, आजीविका मिशन के लिए 19200 करोड रुपए और फसल बीमा योजना के लिए 12200 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। सड़क एवं रेल मंत्रालय के लिए 598520 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। पर्यटन क्षेत्र के लिए 10000 से अधिक गाइडों के स्किल उन्नयन हेतु 20 पर्यटन स्थल का चयन किया जा रहा है। 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित किया जाएगा। कृषि क्षेत्र में पशुपालन, मत्स्य पालन नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य की फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट की फसलों को बढ़ावा, इन सभी फसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
बजट पूर्णतः दूरदर्शी है, अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, नए रोजगार सृजन करने एवं अधोसंरचना को मजबूत करने वाला सिद्ध होगा।(updated on 1st feb 2026)



