Today’s Special

उतार दीजिए सांसदों, विधायकों व कार्यकर्ताओं को जनता के बीच

-शेखर कपूर-
मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में इस वक्त घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी मची हुई है। मध्यप्रदेश के अधिकांश शहरों में इस नजारे को साक्षात देखा जा सकता है। इजरायल और अमेरिका के साथ ईरान का युद्ध और उसमें हमले झेलते खाड़ी देशों में उत्पादित होने वाले पेट्रोलियम पदार्थों की भारत में आपूर्ति एक विकट समस्या बनती जा रही है। भारत सरकार कह रही है कि देश में पेट्रोलयम पदार्थों का भंडार है और मध्यप्रदेश सहित संपूर्ण देश के नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन आम जनता विश्वास नहीं कर पा रही है। परिणाम यह निकला है कि अभी एलपीजी वितरण सेंटरों और डिपो पर भीड़ और लाइनें लग चुकी हैं तो वहीं दो नम्बर के तरीके से कमाई करने वाले लोग, सेंटर इंचार्ज और डीलरों की आंखों में ज्यादा कमाई की चमक आ गई है।

हम इस तात्कालिक विषय को इस वक्त मध्यप्रदेश के संदर्भ में तो उठा रहे हैं लेकिन इस विषय को हर राज्य को समझना होगा। संकट के वक्त कोई किसी का नहीं होता है। जो होता है वह भगवान के रूप में होता है और जो दो नम्बर के तरीके से कमाई करने तथा अफवाहें फैलाने का काम कर रहे हैं वह किसी असुर अर्थात खलनायक अर्थात देशद्रोही से कम नहीं हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अफवाहों को खत्म करने तथा एलपीजी वितरण को सुचारू रूप से वितरण कार्य में अपनी भूमिका निभा रहे हैं लेकिन मुख्य बात यह है कि अभी तक इस दिशा में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा किसी राजनीतिक दल के आकाओं और झण्डावरदारों की आंखें नहीं खुली हैं और ना ही उन्होंने इस दिशा मंे अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया है विशेषकर भाजपा।

मध्यप्रदेश में निवासरत राष्ट्रीय ओज कवि मदन मोहन ’’समर’’ की एक कविता है ’’ यह वक्त बहुत ही नाजुक है’’। इस कविता में देश के हालात का वर्णन कालंतर में किया गया और समय-समय पर यह कविता जनता के बीच उथल-पुथल मचाती है लेकिन इसी कविता का मुखड़ा और आरम्भ वाचन मध्यप्रदेश की सरकार, मध्यप्रदेश के सांसदों, मध्यप्रदेश के सभी विधायकों, मध्यप्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के लिए में सकारात्मकता पैदा कर सकती है। जैसा कि सरकार और सरकारी एजेंसियां कह रही हैं कि एलपीजी की बुकिंग फोन पर ही करवाईये तो मात्र इस काम को क्या हमारे ये राजनेता नहीं कर सकते और करवा सकते है..?। सत्तारूढ़ दल पर ज्यादा जिम्मेदारी है लेकिन प्रदेश और देश के विकास के संदर्भ में यह बात इस वक्त जरूरी है कि सभी सांसद, विधायक और कार्यकर्ता अगर जनता के बीच जाकर एलपीजी वितरण की व्यवस्था को दुरूस्त कर दें। वे डीलरों और एलपीजी वितरण केंद्रों पर पहुंचकर वहां लम्बी लाइनों में लगे आम नागरिकों की भीड़ को खत्म करें और करवाएं तथा आम नागरिकों को यह सुनिश्चित करवाएं कि फोन पर बुकिंग वाली व्यवस्था पर विश्वास करें और अपना सिलेंडर बुक करवाने के लिए फोन का ही उपयोग करें ना कि सिलेंडर लेकर वितरण केंद्रों पर पहुंचे। इसी प्रकार जो डीलर और वितरण कंेद्र हैं उन्हें भी विश्वास देकर सुचारू व्यवस्था में योगदान दें तो मध्यप्रदेश में एलपीजी को लेकर मच रहा हाहाकार चंद मिनटों में ही खत्म हो जाएगा।

और…हाॅ। हंसता-मुस्कुराता चेहरा लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा सरकार को इस विषय को लेकर मीडिया में विज्ञापन देकर करोड़ों रूपये बचाने की जरूरत है। बस आप अपने सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच पहुंचा दें। आखिर लाखों कार्यकर्ता तो भाजपा के पास हैं हीं। साथ ही अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी सहयोग का आग्रह किया जाए। मेरा मानना है कि वर्तमान में मच रहे इस हाहाकार को बहुत ही बेहतर तरीके से मध्यप्रदेश सरकार और उसके मुखिया डा.मोहन यादव हल कर सकते हैं, बस एक कोशिश करनी होगी।

updated on 14th march 2026

(updated on 14th Marc 2026)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button