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नई पेंशन प्रणाली के तहत पारिवारिक पेंशन पर केंद्र सरकार की स्पष्टता

बालाघाट सिवनी लोकसभा सांसद भारती पारधी द्वारा नियम 377 के अंतर्गत नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में पारिवारिक पेंशन से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण और जनहितकारी विषय को प्रभावी ढंग से सदन में उठाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस पर स्थिति स्पष्ट की है। यह विषय लाखों सरकारी कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, जिस पर सांसद जी की गंभीरता उनकी जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने उत्तर में स्पष्ट किया कि केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियमावली, 2021 के अंतर्गत यदि किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु, सेवा से बर्खास्तगी अथवा स्थायी अशक्तता की स्थिति उत्पन्न होती है, तो ऐसे मामलों में कर्मचारी अथवा उसके परिवार को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का विकल्प चुनने की सुविधा प्रदान की गई है। यह प्रावधान कर्मचारियों के परिवारों को सम्मानजनक जीवन एवं आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

मंत्री जी ने यह भी बताया कि एनपीएस के अंतर्गत सेवा के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में कर्मचारी के एनपीएस कॉर्पस में सरकार का योगदान एवं उस पर अर्जित रिटर्न सरकारी खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जबकि शेष राशि नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। नामांकन न होने की स्थिति में यह राशि कानूनी उत्तराधिकारी को दी जाती है।

इसके अतिरिक्त मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस)प्रारंभ की गई है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावशील होगी। यह योजना सुनिश्चित, मुद्रास्फीति-समायोजित एवं पर्याप्त सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करने के साथ-साथ दीर्घायु सुरक्षा, पेंशन पुनर्निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विकल्प भी उपलब्ध कराती है।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि यूपीएस के अंतर्गत सेवा के दौरान मृत्यु अथवा अशक्तता की स्थिति में ओपीएस के समान पारिवारिक पेंशन का लाभ प्रदान किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

यह संपूर्ण प्रकरण सांसद भारती पारधी जी की प्रभावशाली संसदीय सक्रियता और जनहित के मुद्दों पर उनकी सतत सजगता का प्रमाण है। साथ ही, मंत्री जी द्वारा दिया गया यह स्पष्ट एवं संवेदनशील उत्तर केंद्र सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच और सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूती से प्रतिबिंबित करता है।
(updated on 11th january 2026)

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